जानिये लोहड़ी से जुड़ी कुछ खास धार्मिक मान्यता और परंपरा- Rituals Of The Lohri

जानिये लोहड़ी से जुड़ी कुछ खास धार्मिक मान्यता और परंपरा- Rituals Of The Lohri

Rituals Of The Lohri- हमारे देश भारत में लगभग सभी धर्मों के लोग रहते हैं। यहाँ पर सभी धर्मों के लोगों को स्वतंत्र रूप से जीने की आजादी है। आज भारत में लोहड़ी का त्यौहार मनाया जा रहा है। यह उत्तर भारत का मुख्य त्यौहार है। इस त्यौहार को लोग हरियाणा और पंजाब में मकर संक्रांति से एक दिन पहले बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। आइये लोहड़ी त्यौहार से जुड़ी कुछ खास धार्मिक मान्यता और परंपरा को जानते हैं। Rituals Of The Lohri

लोहड़ी को तिलोड़ी भी कहते हैं- Rituals Of The Lohri  

लोहड़ी के त्यौहार में लोग रिश्तेदारों को बधाई देते हुए गुड़ और तिल की बनी रेवड़ी देते हैं। लोग शाम को आग जलाकर उसमे मूंगफली, रेवड़ी, गजक, गुड़ और तिल डालते हैं। इस दिन लोग गिद्दा और भंगड़ा डांस करते हैं। इस लोहड़ी को तिलोड़ी भी कहते हैं।


धार्मिक मान्यता और परंपरा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लोहड़ी का त्यौहार पूस महीने की आखिरी रात और माघ महीने की पहली सुबह के ठंड को कम करने के लिए मनाते हैं। दूसरी ओर पारंपरिक रूप से देखा जाए तो लोहड़ी का त्यौहार फसल की बुवाई और कटाई से जुड़ा हुआ है यानी इस त्यौहार में नए फसल को पूजा करने की परंपरा है। 

दुल्ला भट्टी की कहानी 

लोहड़ी के त्यौहार में दुल्ला भट्टी की सुनाई जाती है। ऐसा कहा जाता है कि अकबर के शासन काल में पंजाब में दुल्ला भट्टी ने वहां की लड़कियों को संदल बार में अमीर सौदागरों के हाथों बेचे जाने से बचाया था। एक दिन उन्होंने लड़कियों को छुड़वा कर हिन्दू लड़कों से उनकी शादी करवा दी थी। इसी के कारण दुल्ला भट्टी को नायक की उपाधि दी गई। इसके बाद हर साल लोहड़ी के त्यौहार में दुल्ला भट्टी की कहानी सुनाने की परंपरा शुरू हो गई।Rituals Of The Lohri


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