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Icc New Rules for Umpiring - अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिसद (ICC) ने पूरी दुनिया में फैली कोरोना वायरस के कहर के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के लिए घरेलु अम्पायर को रखने की बात कही है। क्रिकेट मैचों के लिए घरेलु अम्पायर को रखना भारतीय क्रिकेट अधिकारियों (BCCI) के लिए मुसीबत बन सकती है। भारत के कई पूर्व और मौजूदा क्रिकेट अधिकारी ने कहा है कि भारत के अम्पायरों के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का खासकर के टेस्ट क्रिकेट का अनुभव कम है, जिसके कारण यह उनके लिए चुनौती भरा हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिसद (ICC) के एलिट पैनल के अम्पायरों में अब एक भी भारत का अम्पायर नहीं है क्यूंकि इकलौते भारत के अम्पायर एस रवि को पिछले साल इससे बाहर कर दिया गया। टेस्ट मैचों के लिए अम्पायर एलिट पैनल के अम्पायरों में से चुना जाता है। एलिट पैनल के नीचे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिसद (ICC) के अंतरराष्ट्रीय पैनल की लिस्ट में 4 भारतीय अम्पायर है।
4 भारतीय अम्पायर का अनुभव- Icc New Rules for Umpiring
भारत के 4 अम्पायर नितिन मेनन, सी शमशुद्दीन, अनिल चौधरी और वीरेन्द्र शर्मा जो अंतरराष्ट्रीय पैनल के अम्पायर में शामिल है। इनमे से सिर्फ नितिन मेनन के पास 24 वन डे, 16 T20 और 3 टेस्ट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का अनुभव है। इसके अलावा सी शमशुद्दीन के पास 43 वन डे और 21 T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का अनुभव है, अनिल चौधरी के पास 20 वन डे और 20 T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का अनुभव है, वीरेन्द्र शर्मा के पास 2 वन डे और 1 T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का अनुभव है। लेकिन इन तीनो के पास टेस्ट मैच का अनुभव नहीं है। Icc New Rules for Umpiringचुनौती या अवसर- Icc New Rules for Umpiring
बिना अनुभव के एक तरफ इन अम्पायरों के पास बड़ी चुनौती भी है और अपने काबिलियत को दिखाने का मौका भी है। इंग्लैंड के साथ जनवरी में होने वाले टेस्ट मैचों में इनको अम्पायरिंग का मौका मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय अम्पायर हरिहरन के मुताबिक अम्पायरों पर अलग अलग फोर्मेट में अलग अलग तरह का दबाव रहता है। वन डे मैचों में दर्शकों के शोरगुल से परेशानी होती है तो टेस्ट मैचों में फील्डरों का दबाव अम्पायरों पर बना रहता है। उनका यह भी कहना है कि अम्पायरिंग फैसलों के अलावा खराब रोशनी और आक्रामक अपील भी अम्पायरों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। स्थानीय अंपायर के मुकाबले में अस्थानीय अम्पायर निष्पक्षता से फैसला ले सकते हैं।इसे भी पढ़े: विराट कोहली के नाम है ये बड़े रिकॉर्ड
स्थानीय और अस्थानीय अम्पायर
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिसद (ICC) के नियम के अनुसार पहले सन 1994 से सन 2001 तक मैच में एक स्थानीय और एक अस्थानीय अम्पायर रखने का नियम था। लेकिन सन 2000 में दोनों अस्थानीय अम्पायर रखने का फैसला किया गया था। अंतरराष्ट्रीय समिती के एक अंपायर कहते हैं की घरेलु मैचों में अम्पायरिंग करना बहुत मुश्किल काम होता है। इसके अलावा वे अपने अनुभव से कहते हैं कि अधिकतर अम्पायर घरेलु टीम के मैचों में अम्पायरिंग करना पसंद नहीं करते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिसद (ICC) का यह नियम कुछ समय के लिए हो सकता है। Icc New Rules for Umpiringइसे भी पढ़े: सुरेश रैना ने किया कमाल

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