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Hitler Biography in Hindi- हिटलर का नाम पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा क्रूर तानाशाह में लिया जाता है। हिटलर आज अपनी क्रूर अंदाज और कड़े नियमों के वजह से पूरी दुनिया में जाना जाता है। हिटलर के नाम से सिर्फ जर्मनी में रहने वाले लोग ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में रहने वाले कई देश के लोग डरते थे। ऐसे तो इतिहास में हिटलर ने यहूदियों पर जिस तरह जुल्म किया है उससे ऐसा लग रहा था कि दुनिया से इंसानियत बिलकुल ही ख़त्म हो गयी। इसके अलावा हिटलर के जिंदगी से जुड़ी और भी बहुत बातें हैं जिसे लोग बार बार पढ़ते हैं और लोगों से सुनते है। आइये हिटलर की जिंदगी के बारे में कुछ जानते है।
हिटलर का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
दुनिया के सबसे बड़े क्रूर तानाशाहों में एक हिटलर का पुरा नाम एडोल्फ हिटलर था और उसका जन्म ओस्ट्रिया के वॉन में 20 अप्रैल को सन 1889 में हुआ था। Hitler Biography in Hindiहिटलर के माता पिता का नाम क्या था ? Hitler Biography in Hindi
एडोल्फ हिटलर के पिता का नाम अलोइस हिटलर था और उसके माँ का नाम क्लारा पोजल था। क्लारा पोजल हिटलर के पिता अलोइस की तीसरी पत्नी थी और एडोल्फ हिटलर अपने माँ बाप के चौथे सन्तान थे। एडोल्फ हिटलर के पिता की मृत्यु सन 1903 में हुई थी और उसके कुछ ही दिन बाद उसके माँ की भी मृत्यु हो गयी थी। एडोल्फ हिटलर के घर के हालात बहुत ख़राब थी जिसके कारण हिटलर को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पढ़ाई छोड़ने के बाद हिटलर नेशनल स्कूल ओफ आर्ट में एडमिशन करना चाहता था पर उसे एडमिशन नहीं मिला। इसके बाद अपना गुजारा करने के लिए हिटलर ने पोस्टकार्ड बेचने का काम शुरू किया।एडोल्फ हिटलर का बचपन और उसका प्रभाव
एडोल्फ हिटलर ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे लेकिन इसके बावजूद हिटलर के भाषण को सुनकर लोग हिटलर की तरफ आकर्षित हो जाता था। हिटलर को छोटे से ही पादरी बनने का बहुत शौक था क्यूंकि इसके बारे मे ऐसा कहा जाता है कि हिटलर को एक पादरी ने डुबने से बचा लिया था इसके बाद वह भी चाहता था कि पादरी बनकर लोगों की मदद करूँ। इसके अलावा एडोल्फ हिटलर को चित्र बनाना बहुत अच्छा लगता था। हिटलर के बारे में यह भी कहा जाता है कि उसे बचपन में चोकलेट खाना बहुत पसंद था और वह पुरे दिन में लगभग 1 किलो चोकलेट खा लेता था।एडोल्फ हिटलर जर्मनी का राष्ट्रगान गाता था- Hitler Biography in Hindi
एडोल्फ हिटलर छोटे से ही जर्मन राष्ट्रवाद का बहुत बड़ा प्रशंशक था इसका अंदाजा आपको इस बात से लग जाएगा कि ऑस्ट्रिया में रहने के बावजूद वह राष्ट्रगान जर्मनी का गाता था। इसके बाद हिटलर सन 1913 में जर्मनी के शहर म्युनिक में जाकर बस गया। फिर उसने वहां के सेना में ज्वाइन होने के लिए अप्लाई किया और सन 1914 में हिटलर जर्मनी के सेना में भर्ती हो गया। एडोल्फ हिटलर को पहला विश्व युद्ध में देश के लिए भक्ति और समर्पण देख कर बहुत से पुरष्कार दिया गया था। इसके बावजूद युद्ध में जर्मनी ने आत्मसमर्पण किया था जिसका हिटलर को बहुत दुख था और इसका जीम्मेदार वह जर्मनी के यहूदियों और नेताओं को ठहराया।यहूदियों से नफरत और उनका कत्लेआम- Hitler Biography in Hindi
हिटलर को एक निर्दयी और रूखे स्वभाव का आदमी कहा जाता था। दुसरे विश्वयुद्ध का जीम्मेदार भी लोग उसी को बताते है। हिटलर को यहूदियों से बहुत ज्यादा नफरत थी। हिटलर अपने आपको आर्य वंश का कहता था और उसने सन 1918 में नाजी नाम से एक दल को बनाया। इस नाजी दल में सिर्फ यहूदियों से नफरत करने वाले लोगों को शामिल किया जाता था। यह दल यहूदियों के अधिकार को छीन कर उससे काम करवाते थे। जब हिटलर को सन 1933 में जर्मनी की सत्ता मिली तो उसने नस्लवादी साम्राज्य की स्थापना की और उसने यहूदियों को इंसानी नस्ल नहीं माना। हिटलर ने यहूदियों को जड़ से ख़त्म करने के लिए एक सोची समझी कोशिश की। इसी कोशिश का नतीजा था इतिहास का इतना बड़ा नरसंहार जिसमे सिर्फ 6 साल में तक़रीबन 60 लाख यहूदियों को मार दिया गया जिसमे लगभग 15 लाख बच्चे भी थे। हिटलर के इस दल में और भी दल शामिल होने लगे जिससे हिटलर का दल पूरी जर्मनी में बहुत ही मशहूर हो गया।इसे भी पढ़े: Amazon के मालिक जेफ बेज़ोस की जीवनी
एडोल्फ हिटलर कि मृत्यु और क्रूर शाशन का अंत
हिटलर ने अपने शाशन के सिर्फ 6 साल में चेकोस्लोवाकिया, ऑस्ट्रिया, और पोलैंड जैसे कई शहरों में कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद जब दुसरे विश्व युद्ध में अमेरिका भी शामिल हुआ तब से हिटलर की राजनीती ख़राब होने लगी यहाँ तक कि हिटलर के अपने अधिकारी और सैनिक भी हिटलर के खिलाफ साजिश करने लगे। हिटलर ने जब विश्व युद्ध में खुद को कमजोर पाया तो हारने के डर से उसने 30 अप्रैल सन 1945 को उसने अपने आप को गोली मार ली। इस तरह से दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाह हिटलर का अंत हो गया। Hitler Biography in Hindiइसे भी पढ़े: जिंदगी में बदलाव लाने वाली कहानी

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