![]() |
| Source of image : Pixabay |
Asia Cleanest Village - हमारे देश भारत में गन्दगी बहुत ज्यादा देखने को मिलती है। बड़े-बड़े शहरों में तो और भी ज्यादा प्रदुषण भरा हुआ होता है। देश को साफ़ सुथरा रखने के लिए अभी से कुछ साल पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान चलाई थी। इस अभियान से लोग साफ-सफाई के प्रति कुछ जागरूक हुए और अपने आसपास के जगहों को अपनी जिम्मेदारी से साफ़ करने में लग गए। लेकिन अभी भी हमारे देश भारत में गन्दगी बहुत है। गन्दगी के बावजूद भारत में एक गाँव ऐसा भी है जो सिर्फ भारत का ही नहीं बल्कि पुरे एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव है। इस गाँव का नाम मवल्य्न्नोंग (Mawlynnong) है और यह मेघालय में है। इस गाँव में लोग सिर्फ सफाई ही नहीं बल्कि सिक्षा में भी बहुत आगे है। आइये जानते हैं इस गाँव के और कुछ ख़ास बातों को जो बहुत ही दिलचस्प है।
एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव
ट्रेवल मेगजीन डिसकवर इण्डिया के मुताबिक सन 2003 में इस गाँव को एशिया का और सन 2005 में भारत का सबसे स्वच्छ गाँव घोषित किया गया। सन 2011 के जनगणना के हिसाब से इस गाँव में 82 परिवार थे और कुल 500 के आसपास लोग थे। यह लोग कृषि पर निर्भर है और यहाँ मुख्य रूप से सुपारी कि खेती होती है। इस गाँव में सभी 100 प्रतिशत लोग शिक्षित हैं और इस गाँव के लोग ज्यादातर अंग्रेजी भाषा में बात करते हैं। इस गाँव के कुछ खुबसूरत जगहें डॉकी नदी, लिविंग रुट ब्रिज और यहाँ का झरना है। Asia Cleanest Villageमाँ का सरनेम बच्चों को मिलता है- Asia Cleanest Village
इस गाँव की बहुत सी खास बातों में से एक यह भी है की यहाँ औरतों को बहुत ज्यादा महत्व दिया जाता है यहाँ तक कि यहाँ माँ का सरनेम बच्चों को मिलता है और पिता की संपत्ति सबसे छोटी लड़की को दिया जाता है।यहाँ प्लास्टिक बैन है- Asia Cleanest Village
मेघालय के इस स्वच्छ और खुबसूरत गाँव में प्लास्टिक के थैली का इस्तमाल नहीं किया जाता है। यही वजह है कि यहाँ के सड़कों पर आपको प्लास्टिक नहीं दिखेंगे। यहाँ लोग सामान को रखने के लिए कपड़ों की थैली का इस्तमाल करते है। यहाँ के छोटे बच्चे भी सफाई का ख्याल रखते हैं जिससे यहाँ की सड़के भी आपको साफ़ सुथरा नजर आयेंगे। इसके अलावा यहाँ थोड़ी-थोड़ी दूर पर कचरा रखने के लिए बांस के बने डस्टबिन रखे हुए होते हैं। इस गाँव की स्वच्छता को देख कर आप गर्व महसूस कर सकते हैं।इसे भी पढ़े: दुनिया के 7 अजूबा कि दिलचस्प कहानी
पेड़ों के जड़ों से बना ब्रिज
आपने बड़े-बड़े शहरों में तरह तरह के आधुनिक तकनीक से बने ब्रिज देखे होंगे। लेकिन यहाँ पेड़ों के जड़ों से बने हुए ब्रिज है जो समय के साथ मजबूत होता रहता है। इस तरह पेड़ के जड़ों से बने ब्रिज आपको सिर्फ मेघालय में ही देखने को मिलेंगे। यह ब्रिज लोगों को अपनी और आकर्षित करता है।हर घर में बगीचा
मवल्य्न्नोंग (Mawlynnong) गाँव के सभी घर के बाहर आपको बगीचा देखने को मिलेगा। इस गाँव को लोग इश्वर का बगीचा कहते हैं जिससे पता चलता है की यह गाँव कितना खुबसुरत है। यहाँ ख़ासी जनजाति के लोग रहते हैं और ये लोग औरतों के एक टीम को सफाई करने के लिए रोजाना लगभग 200 रुपए देते हैं। Asia Cleanest Villageइसे भी पढ़े: यात्रा के लिए जरुरी Aarogya setu app
देश और दुनिया की जरुरी ख़बरों के अलावा रोचक तथ्यों को जानने के लिए हमारे फेसबुक पेज TTS NEWS को अभी लाइक और फॉलो करे।

Good village
ReplyDeletePost a Comment