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Jamati donating plasma - कोरोना वायरस का कहर पुरी दुनिया में छाया हुआ है। पुरी दुनिया के डॉक्टरों ने अभी तक कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोई भी दवा नहीं बना पाई है। अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से चल रहा है। डॉक्टर का कहना है कि जो लोग कोरोना पॉजिटिव होने के बाद सही हो गए हैं उन लोगों के प्लाज्मा से कोरोना से संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा सकता है। इसके लिए बहुत से जमाती जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे अब सही होने के बाद अपने प्लाज्मा को डोनेट कर रहे है जिससे और भी लोगों कि जिंदगी को बचाया जा सके।
जमातियों पर लगा था कोरोना फ़ैलाने का आरोप
तमिलनाडु के एक जमाती है जिन्होंने इतवार को अपना प्लाज्मा डोनेट किया। उनका कहना है कि मिडिया ने मुसलमानों को खासकर के जमाती को निशाना बनाके इन पर कोरोना वायरस को फैलाने का आरोप लगाया है। आपलोगों ने भी अभी से कुछ दिन पहले सोशल मिडिया पर एक खबर को बहुत सुना होगा कि जमाती पुरे देश में कोरोना वायरस को फैला रहे हैं। आपको बतादें यह बिलकुल ही झूठी बात थी जो मिडिया लोगों में फैला रही थी। मिडिया के इस तरह से झूठी खबर फ़ैलाने से मुसलमानों को देश के कई जगहों पर प्रताड़ित भी किया गया। Jamati donating plasmaजमाती देंगे अपना प्लाज्मा
देश में कुछ दिन पहले ही मुसलमानों पर खास करके जमाती पर कोरोना वायरस को फ़ैलाने का झूठा आरोप लगाया गया था। लेकिन आपको एक सच्ची खबर बतादें कि बहुत से जमातियों ने देश में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के जान को बचाने के लिए अपना प्लाज्मा दान किया है। इस तरह प्लाज्मा देने कि वजह से आज जमाती कई लोगों के लिए एक मसीहा बना हुआ है। ऐसी खबर आ रही है कि तकरीबन 400 से भी ज्यादा जमाती अपना प्लाज्मा दान करेंगे।प्लाज्मा कौन दे सकता है ? Jamati donating plasma
डॉक्टर तौसिफ खान देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को प्लाज्मा डोनेट करने वाले पहले व्यक्ति है। वे खुद एक संक्रमीत व्यक्ति कि इलाज करते समय संक्रमित हुए थे। ठीक होने के बाद उन्होंने अपना प्लाज्मा जिस मरीज को दिया था वह सही होने वाला है। डॉक्टर का कहना है कि जो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद दो बार कोरोना नेगेटिव आ जाते हैं। इसके बाद उसे RTPCR टेस्ट कराना पड़ता है। अगर उस व्यक्ति का टेस्ट नेगेटिव रहता है तो ऐसे लोग अपना प्लाज्मा किसी को भी दे सकते हैं।खून में कितना प्लाज्मा होता है ? Jamati donating plasma
डॉक्टरों का कहना है कि हमारे खून में लगभग 55 प्रतिशत प्लाज्मा होता है। इस प्लाज्मा में तक़रीबन 90 प्रतिशत पानी रहता है और सिर्फ 10 प्रतिशत ही एंटीबॉडी रहता है। कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति को बचाने के लिए लगभग 500 मिलिलीटर प्लाज्मा कि जरुरत होती है।इसे भी पढ़े: यह लक्षण हो तो जल्द कराले एच आई वी (HIV) टेस्ट
प्लाज्मा कितने दिन तक रखा जा सकता है ?
डॉक्टरों के मुताबिक किसी व्यक्ति से लिए गए प्लाज्मा को 1 साल तक सुरक्षित रखने के लिए उसे माइनस (-30) डिग्री सेल्सीयस तापमान पर रखना होगा और 5 साल तक सुरक्षित रखने के लिए लगभग माइनस (-70) डिग्री सेल्सीयस तापमान पर रखना होगा। Jamati donating plasmaइसे भी पढ़े: पेट के कीड़ों को ख़त्म करने के घरेलु उपाय

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