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5G network launch- बढ़ते टेक्नोलॉजी के दौर में हर कोई अपनी लाइफ में स्पीड चाहता है और अपने लाइफस्टाइल को ज्यादा से ज्यादा तेज बनाना चाहता है। बात करे नेटवर्क के स्पीड कि तो अब बहुत जल्द हमारे देश भारत में हाई स्पीड 5g नेटवर्क लांच हो सकता है, जिससे हमारी लाइफस्टाइल और भी ज्यादा तेज और रोमांचक बन जायेगी। इसके साथ ही हम इन्टरनेट से जुड़ी हर जरुरत और काम को बहुत ही तेजी के साथ कर सकते हैं।
एयरटेल और जिओ कि ओर से 5g नेटवर्क कि तैय्यारी
भारत में हाई स्पीड 5g नेटवर्क लांच होने कि खबर से टेलिकॉम कंपनियों ने अपने नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर को तैयार करना शुरू कर दिया है। एयरटेल और जिओ कि ओर से 5g नेटवर्क कि तैय्यारी को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि वे 5g नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप कर रहे हैं, जिससे यूजर को 4g LTE नेटवर्क के साथ साथ 5g नेटवर्क कनेक्टिविटी मिलना शुरू हो जाएगा। 5G network launch
4g नेटवर्क के मुकाबले कितना गुना तेज होगा हाई स्पीड 5g नेटवर्क?- 5G network launch
हमलोग कुछ सालों से 4g नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे है और हमें 4g नेटवर्क के स्पीड का भी पता है कि यह कितना तेज काम करता है. लेकिन आपको बतादें कि हाई स्पीड 5g नेटवर्क 4g नेटवर्क के मुकाबले में दस (10) गुना तेजी से काम करेगा। यानी जिसे आप अभी 20 मिनट से 30 डाउनलोड करते हैं उसे आप हाई स्पीड 5g नेटवर्क आने के बाद सिर्फ कुछ ही सेकंड में डाउनलोड कर सकते हैं, और इसके साथ ही आप आने वाले नए स्मार्टफोन में बहुत ही अच्छी कनेक्टिविटी के साथ HD विडियो कालिंग का आनंद भी ले सकते हैं।
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हाई स्पीड 5g नेटवर्क कैसे काम करेगा?- 5G network launch
हाई स्पीड 5g नेटवर्क मुख्य रूप से चार तरह कि टेक्नोलॉजी से काम करता है जिसमे पहला Non-standalone 5g दूसरा standalone 5g तीसरा Sub-6 GHz और चौथा mmWave है।
1. Non-standalone 5g- यह बिलकुल ही शुरुवाती 5g नेटवर्क बेंड है, जिसकि सहायता से 4g LTE के इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके 5g नेटवर्क उपलब्ध कराया जाता है।
2. standalone 5g- यह 4g LTE के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर नहीं बल्कि अपने क्लाउड नेटिव नेटवर्क कोर पर काम करता है, फिलहाल बहुत से देशों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
3. Sub-6 GHz- यह मिड बैंड 5g स्पेक्ट्रम फ्रीक्वेंसी कहलाता है, और इसमें नेटवर्क कि फ्रीक्वेंसी 6 GHz से कम होती है, और इसका उपयोग बहुत ही लो बैंड टेलीकम्युनिकेशन्स के लिए किया जाता है।
4. mmWave- यह बहुत ज्यादा हाई बैंड फ्रीक्वेंसी कहलाता है, और इसमें नेटवर्क कि फ्रीक्वेंसी 24 GHz से भी ज्यादा होती है। इसके अलावा mmWave को डिप्लॉय करने के लिए छोटे और लोअर रेंज के सेलफोन टावर का उपयोग किया जाता है। इस फ्रीक्वेंसी में डाटा कि स्पीड 1Gbps तक होती है। 5G network launch
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