स्वामी विवेकानंद की जयंती और युवा दिवस- Yuva Diwas In Hindi

स्वामी विवेकानंद की जयंती और युवा दिवस- Yuva Diwas In Hindi

Yuva Diwas In Hindi- आज मंगलवार 12 जनवरी को हमारे देश भारत में युवा दिवस मनाया जा रहा है। सन 1863 के 12 जनवरी को कोलकाता में भारत के अध्यात्म का डंका बजाने वाले देश के बहुत ही महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस पर ही युवा दिवस क्यों और कब से मनाया जाता है। 

क्या आप जानते हैं कि युवा दिवस क्यों मनाया जाता है? इसके अलावा आइये हम देश के बहुत ही महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस पर उनसे जुड़ी कुछ मुख्या बातों को जानते हैं। Yuva Diwas In Hindi

युवा दिवस कब से और क्यों मनाया जाता है? Yuva Diwas In Hindi

किसी भी देश के विकास में युवाओं का योगदान बहुत ही अहम होता है। सभी देश का भविष्य उस देश के युवा पीढ़ी पर ही निर्भर होता है। इसलिए ये जरुरी है कि देश के युवाओं को सही रास्ता मिले जिसके कारण देश सन 1985 के 12 जनवरी से प्रत्येक साल युवा दिवस मनाया जाता है।

इसे भी पढ़े: डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम के 20 अनमोल विचार 

स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवा दिवस मनाने का कारण 

हमारे देश भारत में सन 1985 के 12 जनवरी से प्रत्येक साल स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवा दिवस मनाया जाता है क्यूंकि स्वामी विवेकानंद भारत के महान समाज सुधारक, दार्शनिक और विचारक थे। उनके और विचारों से देश के युवा पीढ़ी प्रोत्साहित हो सकते हैं। कोई भी व्यक्ति स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों को जीवन में अपनाकर सफल हो सकता है। 

इसे भी पढ़े: बाल दिवस और श्री पण्डित जवाहरलाल नेहरु

स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़ी मुख्य बातें- Yuva Diwas In Hindi 

स्वामी विवेकानंद का जन्म सन 1863 के 12 जनवरी को कोलकाता में हुआ था। बचपन में उनका नाम नरेंद्र नाथ दत्त रखा गया था। विवेकानंद के पिता का नाम विश्वनाथ दत्त और माँ का नाम भुवनेश्वरी देवी थी। विवेकानंद सन 1871 में 8 साल की उम्र में स्कूल पढ़ने के लिए गए और सन 1879 में प्रेसीडेंसी कॉलेज की प्रवेश परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया था। फिर 25 साल की उम्र में वह संन्यासी बन गए जिसके बाद उन्हें विवेकानंद कहा जाने लगा।
सन 1893 में 11 सितंबर को स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो धर्म संसद में भाइयों और बहनों से भाषण की शुरुआत की तो लगभग 2 मिनट तक तालियाँ बजती रही और यह दिन हमेशा के लिए इतिहास बन गया। उन्होंने कोलकाता में सन 1897 में 1 मई को रामकृष्ण मिशन की शुरुआत की और गंगा नदी के किनारे बेलूर में सन 1898 में 9 दिसंबर को रामकृष्ण मठ की स्थापना किया। 
स्वामी विवेकानंद को जब पता चला की उन्हें शुगर और दमा की बीमारी है तो उन्होंने कहा था कि मुझे यह बीमारी 40 साल पार नहीं करने देगी। विवेकानंद की मृत्यु सन 1902 में 4 जुलाई को बेलूर स्थित रामकृष्ण मठ में ध्यानमग्न अवस्था में हुई थी। बेलूर में गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था। Yuva Diwas In Hindi

देश और दुनिया की जरुरी ख़बरों के अलावा रोचक तथ्यों को जानने के लिए हमारे फेसबुक पेज  TTS NEWS को अभी लाइक और फॉलो करे। 

0/post a comment

Previous Post Next Post