पक्षी से इंसानों में फैली बीमारी- Killing Animals Increases Diseases
संयुक्त राष्ट्र के एक्सपर्ट के मुताबिक पिछले कुछ सालों में पक्षियों और जानवरों से इंसानों में बीमारी फैलने के मामलों में बढ़ोतरी देखी गयी है। इस तरह से जीव जंतुओं से फैलने वाली बीमारी को विज्ञान की भाषा में जुनोटिक डिजीज कहते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक इंसानों ने अगर जानवरों को मारना नहीं छोड़ा तो आने वाले दिनों में कोरोना जैसे कई बिमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
साल में 20 लाख मौत- Killing Animals Increases Diseases
रिपोर्ट के मुताबिक पुरे साल में तक़रीबन 20 लाख लोगों के मौत का कारण अलग अलग प्रकार के जानवरों से होने वाली बीमारी है। पिछले कुछ सालों में जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारी यानि जुनोटिक डिजीज में बढ़ोतरी हुई है इन में सार्स, बर्ड फ्लू और इबोला जैसी बीमारियाँ हैं।
100 सालों में 6 नए संक्रमण- Killing Animals Increases Diseases
UAN इन्वायरमेंट प्रोग्राम के एग्जिक्यूटीव डायरेक्टर इंगर एन्डरसन ने बताया कि पिछले 100 सालों में 6 किस्म के खतरनाक और जानलेवा वायरस के संक्रमण से इंसानों को सामना करना पड़ा है। इनमें रेबीज, चौपायों से होने वाली टीबी और गिल्टी रोग जैसे संक्रमण के कारण ही प्रत्येक साल लगभग 20 लाख लोगों की मौत हो जाती है और इसके साथ आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ता है।
260 प्रतिशत बढ़ा मांस का उत्पादन
एन्डरसन ने बताया कि पिछले 50 सालों में लगभग 260 प्रतिशत बढ़ा मांस का उत्पादन बढ़ा है। एन्डरसन के मुताबिक इंसानों में होने वाले खतरनाक बीमारी का लगभग 25 प्रतिशत कारण पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली खेती, फैक्ट्रियां, सिंचाई के संसाधन और बांध है।
इसे भी पढ़े: डायबिटीज के मरीज को ये चीजें नहीं खानी चाहिए
इस परेशानी से कैसे बचे ?
एन्डरसन के मुताबिक इन्सान अगर इकोसिस्टम से छेड़ छाड़ करता है तो इसका नुकसान इन्सान को ही होता है। इससे बचने के लिए इंसानों को जीव जंतु और पर्यावरण की रक्षा के प्रति ध्यान देना होगा। Killing Animals Increases Diseases
इसे भी पढ़े: पीठ या कमर में दर्द के कारण और उसके उपाय
देश और दुनिया की जरुरी ख़बरों के अलावा रोचक तथ्यों को जानने के लिए हमारे फेसबुक पेज TTS NEWS को अभी लाइक और फॉलो करे।

Post a Comment