ताज महल को दो बार क्योँ ढँक दिया गया था ? Taj Mahal Covered

ताज महल को दो बार क्योँ ढँक दिया गया था ? Taj Mahal Covered

Taj Mahal Covered
- ताज महल के बारे में हम में से लगभग सभी लोग जानते होंगे। ताज महल को प्यार करने वाले की निशानी के तौर पर जाना जाता है, इसके अलावा भी ताजमहल की एक खासियत है कि इस का नाम दुनिया के सात अजूबा में है। ताजमहल संगमरमर के सफ़ेद पत्थरों से यमुना नदी के किनारे बना हुआ है। ताजमहल को देखने के लिए सिर्फ भारत से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग ज्यादा संख्या में आते हैं। ताजमहल के बारे में तो आपने बहुत सी बातें लोगों से सुना होगा लेकिन क्या आपको पता है कि ताजमहल को दो बार पूरी तरह से ढँक दिया गया था क्यूंकि उस समय ताजमहल की सुरक्षा खतरे में थी। ताजमहल के सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने ताजमहल को ढंकने का फैसला किया था। 

ताजमहल को कब ढंका गया था ?

इतिहास से पता चलता है की ताजमहल के सुरक्षा को देखते हुए पहली बार दुसरे विश्व युद्ध के समय सन 1942 में बांस बल्लियों से और दूसरी बार पाकिस्तान से बचाने के लिए सन 1971 में हरे रंग के चादर से पुरे 15 दिन तक ढँक दिया गया था। Taj Mahal Covered      
   

ताजमहल को सन 1942 में ढंकने का फैसला- Taj Mahal Covered  

पूरी दुनिया में सन 1942 दुसरे विश्व युद्ध होने के कारण सभी देश अपने दुश्मन देश पर हमला कर रहे थे। इसी बीच ब्रिटेन और अमेरिका देश को ख़ुफ़िया जानकारी से पता चला कि जर्मनी और जापान दोनों देश मिलकर ताजमहल को गिराने वाले हैं जिसके लिए ये देश ताजमहल पर हवाई हमला करके बम गिराने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद उस समय के सरकार ने दुश्मनों को भ्रमित करने के लिए ताजमहल को बांस और बल्लियो से ढंकने का फैसला किया, जिससे दुश्मन को लगे कि यहाँ पर बांस का कोई गट्ठर है।     

ताजमहल को सन 1971 में ढंकने का फैसला- Taj Mahal Covered  

ख़ुफ़िया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की सेना सन 1971 में ताजमहल को निशाना बनाने के लिए सोच रही थी। उस समय सरकार ने हरे रंग के चादर से ताजमहल को ढंकने का फैसला किया था जिससे दुश्मन को लगे की यहाँ पर कोई हरियाली वाला इलाका है। इसके अलावा चांदनी रात में संगमरमर के चमक को छुपाने के लिए जमीन पर झाड़ियाँ रख दिया गया था। इस तरह से ताजमहल को तक़रीबन 15 दिन तक ढँक के रखा गया था।  


ताजमहल का निर्माण 

आगरा शहर मे स्थित ताज महल पूरी दुनिया का अतुलनीय धरोहर मकबरा कहलाता है। ताजमहल को मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी बीवी मुमताज की याद मे बनवाया था। ताजमहल के बनने का काम सन 1648 में पूरा हुआ था। ताजमहल भारत में इस्लामी कला का रत्न है और यह सन 1983 में यूनेस्को विश्व धरोहर बना। ताजमहल से मुग़ल की वास्तुकला को पहचाना जा सकता है। ताजमहल की वास्तु शैली इस्लामी और भारतीय वास्तुकला का अनोखा सम्मलेन है। Taj Mahal Covered 


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