आईफ्लोज-मुंबई सिस्टम से मिल सकती है पहले ही बाढ़ की चेतावनी- Flood warning system


Flood warning system
- मुंबई को भारत की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। अभी कुछ दिन पहले महाराष्ट्र में एक बहुत ही खतरनाक निसर्ग नाम का तूफान आया था जिससे बहुत ज्यादा नुकसान हुआ था। इसको देखते हुए अब एक खास सिस्टम को लगाया जा रहा है जिसका नाम आईफ्लोज-मुंबई रखा गया है। इस सिस्टम की सहायता से भारत की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई में बहुत ज्यादा बारिश होने से या फिर चक्रवात के समय में बाढ़ जैसे परिस्थिति को काफी पहले लगभग दो या तीन दिन पहले मालूम किया जा सकता है। इस आधुनिक फ्लड एलामींग सिस्टम (बाढ़ चेतावनी सिस्टम) आईफ्लोज-मुंबई सिस्टम की शुरुवात वीडियो कांफ्रेंस के जरिये केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की है। वैज्ञानिको के मुताबिक इस सिस्टम से बहुत ही आसानी से बाढ़ आने से पहले ही उसका पता लगाया जा सकेगा। 
    

चेन्नई में यह सिस्टम पहले से है 

इस तरह के सिस्टम का इस्तमाल चेन्नई में बहुत पहले से किया जा रहा है। इस सिस्टम के बारे में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने बताया कि सुनामी के लिए यह पूरी दुनिया में सबसे बेहतरीन सिस्टम है और इस सिस्टम ने किसी भी खतरे की गलत खबर नही दी है। मुंबई में में इससे पहले भी सन 2005 में और सन 2017 में बहुत ही खतरनाक बाढ़ आई थी। इस सिस्टम के होने से बहुद ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिल सकता है। Flood warning system 
   

सिस्टम कब देगी चेतावनी ? Flood warning system 

आईफ्लोज-मुंबई सिस्टम के जरिये 3 दिन पहले चक्रवात और बारिश के समय में आने वाले बाढ़ का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके अलावा इस सिस्टम से मौसम का तत्काल अपडेट लगभग 3 से 6 घन्टे के बीच देना भी आसान हो सकता है। यही नहीं यह सिस्टम तक़रीबन 12 घन्टे में मुंबई में किस जगह बाढ़ आने वाली है इसकी चेतावनी दे सकती है जिससे सही समय पर लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुँचाया जा सकता है। 

सिस्टम में कई राडार लगे हैं- Flood warning system  

एमओईएस के सचिव डॉक्टर एम राज़ीवन कहते हैं की आईफ्लोज-मुंबई सिस्टम के समय पर पूरा होने से हमें ख़ुशी है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा की मुंबई में 160 से ज्यादा प्रेक्षण केंद्र और 4 राडार लगे हैं जिसका इस्तमाल आने वाले मानसून के मौसम में किया जाएगा। हम प्रतेक 500 मीटर और 15 मिनट की सटीकता से बारिश का अनुमान लगा सकते हैं। 


आईफ्लोज सिस्टम कैसे काम करता है ?  

आईफ्लोज सिस्टम को मुंबई नगर निगम (BMC) और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने मिलकर अपने इन-हाउस विशेषता का उपयोग करके तैयार किया है। यह सिस्टम बीएमसी (BMC) के तरफ से उपलब्ध किये जाने वाले स्थानीय डेटा जैसे ज्वार-स्तर, पानी के निकलने की सिस्टम, शहर मे जल निकायो, जमीन का इस्तमाल, बुनियादी ढांचे एवं आबादी का और बारिश के डेटा का उपयोग करती है। यह सिस्टम इनपुट के तौर पर इसका इस्तमाल करके मौसम, तूफान और ज्वार के प्रभाव, जल प्रवाह, वर्षा, मौसम के आधार पर चेतावनी देती है। Flood warning system 


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