जानिये टिड्डियां कितनी खतरनाक हो सकती है- Locust Swarm Attack


Locust Swarm Attack-
इस समय भारत में एक और परेशानी सामने आ गयी है वो है टिड्डी जो पाकिस्तान के रास्ते होते हुए भारत के बहुत से शहरों में हमला कर चूका है। टिड्डियों का यह दल मध्यप्रदेश, राजस्थान, और पंजाब में फसलों को बर्बाद कर चूका है। अभी भी टिड्डियों का हमला बढ़ता ही जा रहा है। आइये अब जानते है कि टिड्डियों का झुण्ड कहाँ से आया और यह कितना ख़तरनाक हो सकता है।  

भारत में सबसे बड़ा टिड्डियों का हमला कब हुआ था ?

भारत में लगातार लगभग पिछले 20 सालों से टिड्डियाँ हमला कर रही है। इसके हमले से पिछले साल भी भारत को बहुत ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ा है लेकिन भारत में अब तक सबसे बड़ा हमला 1993 में हुआ था। इसके बाद सरकार ने इससे होने वाले नुकसान को ज्यादा नहीं होने दिया। इस बार टिड्डियों का झुण्ड इरान और पकिस्तान से होकर भारत पहुंचा है और यह भारत के कई राज्यों के फसलों को नुकसान पहुंचाते हुए झाँसी पहुंचा है। Locust Swarm Attack  

टिड्डियाँ सबसे खतरनाक कीट होती है- Locust Swarm Attack

टिड्डियों को सबसे खतरनाक कीट की श्रेणियों में रखा गया है। पूरी दुनिया में टिड्डियों की लगभग 10 हजार से भी ज़्यादा प्रजाति पायी जाती है। भारत में टिड्डियों की सिर्फ 4 प्रजाति पेड़ वाला टिड्डी, बंबई टिड्डी, प्रव्राजक टिड्डी और रेगिस्तानी टिड्डी ही पायी जाती है। कृषि क्षेत्र के अधिकारीयों के मुताबिक रेगिस्तानी टिड्डी के कारण दुनिया की 10 प्रतिशत आबादी का ज़ीवन प्रभावित होता है। 
    

टिड्डियों के पनपने का कारण- Locust Swarm Attack 

एक्सपर्ट के मुताबिक टिड्डियों के ज्यादा तादाद में पनपने का कारण विश्व में तापमान की वृद्धि का होना है जिससे मौसम में बदलाव आ रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक टिड्डियों के बढ़ने का कारण बिना मौसम के बारिश का होना है और नमी पर ये बहुत ही ज्यादा तेज़ी से फैलते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक टिड्डि पहले प्रजनन के समय 20 गुना, दुसरे प्रजनन के समय 400 गुना और तीसरे प्रजनन के समय 1600 गुना तक बढ़ जाते हैं। उनका यह भी कहना है कि मादा टिड्डी 3 बार तक अन्डे देती है और यह एक बार मे तक़रीबन 90 से 150 अन्डे दे सकती है। एक वर्ग मीटर में टिड्डियों के हजारों अन्डे हो सकते है। टिड्डियां 3 से 5 महीने तक ही जीवित रहती है। टिड्डियों का वजन लगभग 2 ग्राम होता है। आकार में मादा टिड्डे 70 से 90mm और नर टिड्डे 60 से 75mm हो सकते हैं।   

       

टिड्डियां कितना नुक्सान कर सकती है ?

संयुक्त राष्ट्र की फ़ूड एंड एग्रीकल्चर संगठन के मुताबिक रेगिस्तानी टिड्डो की रफ़्तार 16 से 19 किलोमीटर प्रति घंटा होती है और हवा के कारण रफ़्तार और तेज हो जाती है। टिड्डियां प्रतिदिन लगभग 200 किलोमीटर का सफ़र कर सकती है। इसके 1 वर्ग किलोमीटर में तक़रीबन 4 करोड़ टिड्डियों का झुण्ड हो सकता है जो दिन भर में लगभग 35 हजार लोगों का खाना अकेले ही खा सकती है। टिड्डियों के एक झुण्ड ने अभी से कुछ महीने पहले भारत के राजस्थान और गुजरात में लगभग 1.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के फसलों को नुकसान पहुँचाया था। Locust Swarm Attack

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