![]() |
| Source of image : Pixabay |
Nagrikta sansodhan bill kya hai नागरिकता संशोधन बिल में पहले ये बात कही गयी थी 25 मार्च 1971 के बाद दुसरे किसी भी देश से आनेवाले जितने भी लोग भारत में आये हैं चाहे वह हिन्दू हो या मुसलमान या इसाई या और किसी भी धर्म का रहने वाला क्योँ ना हो उसे भारत कि नागरिकता नहीं दी जायेगी। भारत में सिर्फ वही लोग रहेंगे जिनके पास सबुत के तौर पर कागजात होंगे और जिनके पास कागजात नहीं होंगे उन्हें भारत कि नागरिकता नहीं मिलेगी। लेकिन अब बिल में इस बात को कहा जा रहा है कि सिर्फ दुसरे देश से आनेवाले मुसलामानों को नागरिकता नहीं दी जायेगी और इसके अलावा सारे ही धर्म के लोगो को नागरिकता दी जायेगी। यानी अब यह बिल सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ ही जाती हुई नजर आ रही है, लेकिन यह बिल भारत के संविधान के खिलाफ है। भारत में रहने वाले सभी धर्म के लोगों को भारत में रहने का बराबर अधिकार है। इसके कारण लोग सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि बहुत से हिन्दू और दुसरे धर्म के लोग भी ना सिर्फ इस बिल को गलत कह रहे हैं, बल्कि इस बिल का विरोध भी कर रहे है और नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन भी कर रहे है।
अस्सी के दशक के बाद असम हुआ में सबसे बड़ा प्रदर्शन
भारत में लागू नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ असम के लोगों ने बहुत ज्यादा तादाद में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक असम में अस्सी के दशक में हुए आन्दोलन के बाद यह दूसरा इतना बड़ा प्रदर्शन है इस प्रदर्शन का असर सड़कों के अलावा रेलव स्टेशनों और एयरपोर्ट पर भी हुआ। Nagrikta sansodhan bill kya haiइसे भी पढ़े : कब बनेगी खोरी पाकड़-अदौरी घाट पुल
असम में लोगों का प्रदर्शन- Nagrikta sansodhan bill kya hai
नागरिकता संशोधन बिल के पास होते ही लोग इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आये और इस प्रदर्शन में औरतें भी सड़कों पर उतर आई। इस प्रदर्शन ने देखते ही देखते हिंसा का रूप ले लिया कई जगहों पर आग लगा दी गयी। असम के कई रेलवे स्टेशन को भी जला दिया गया जिस का असर मणिपुर नागालेंड और मेघालय में भी हुआ यहाँ तक कि गुवाहाटी के होटल ताज में जापान के PM शिंजो आबे के स्वागत के लिए बानाए गए रैंप को भी जला दिया गया। प्रदर्शन करने वाले लोगों ने असम के मुख्यमंत्री और केंद्रीयमंत्री के आवास पर भी पत्थरों से हमला किया।इसे भी पढ़े : बेरोजगारी से परेशान है युवा

Assam me Santi aye iske liye sabhi deshbasi ko fikr karna chahiye
ReplyDeleteIndia ka aarthik bewastha kharab ho jayega
ReplyDeleteI love india
ReplyDeleteSanvidhan ke khilaf hai
ReplyDeleteBJP walo constitution Apne hisab se chala rhi h Musalman bhaiyo sambhl ke chalo
ReplyDeleteIndia is the democracy country (n. Free)
ReplyDeletePost a Comment