भारत और अमेरिका कि करेंसी- Rupaya Aur doller me fark

भारत और अमेरिका कि करेंसी-Rupaya Aur doller me fark
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Rupaya Aur doller me fark भारत कि करेंसी को रूपया का नाम दिया गया है और अमेरिका में जो करेंसी है उसे डॉलर कहा जाता है। भारत में करेंसी लगभग 2000 साल पहले से ही है।

डॉलर और रुपये में आने वाला अंतर- Rupaya Aur doller me fark  

अगर हम सन 1917 कि बात करे तब 13 डॉलर कि कीमत सिर्फ 1 रूपया था। लेकिन जब भारत आजाद हुआ तो डॉलर और रूपया कि कीमत बराबर हो गयी यानी 1 डॉलर 1 रुपये का हो गया और उस समय भारत पर कोई कर्ज भी नहीं था। उसके बाद जब सन 1951 में भारत को अपनी पंचवर्षीय योजना के लिए कर्ज लेना पड़ा तब से लेकर सन 1966 के बीच डॉलर रूपया के मुकाबले में इतना मजबूत हुआ कि उस समय 1 डॉलर तक़रीबन 4.60 रुपये के आस पास हो गया। और उसके बाद डॉलर रुपये के मुकाबले में लगातार मजबूत होता ही चला गया। आप जानते होंगे कि इस तरह डॉलर मजबूत होते होते आज 1 डॉलर कीमत लगभग 73 रूपए हो गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह कहना मुश्किल ही है कि आने वाले कुछ सालों में रुपये के मुकाबले में डॉलर और कितना मजबूत होगा और डॉलर और रूपया कि कीमत में कितना अंतर होगा। Rupaya Aur doller me fark

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1 रुपये में 100 पैसे होंगे- Rupaya Aur doller me fark  

सन 1957 में इस बात को लागू किया गया था कि 1 रुपये में 100 पैसे ही होंगे लेकीन इससे पहले ऐसा नहीं था बल्कि 1 रुपये को 16 आने में बांटा जाता था यानी 1 रूपया में 16 आने होते थे।   भारत कि करेंसी रूपया ना होकर पाउंड होता अंग्रेज लोग चाहते थे कि भारत कि करेंसी पाउंड हो लेकिन उस समय रूपया इतना मजबूत था जिससे भारत कि करेंसी को अंग्रेज बदल नहीं पाया। सही मायने में रूपया उस समय कितना मजबूत था इस बात का पता इससे भी चल सकता है कि उस समय 13 डॉलर कि कीमत 1 रूपया था।

डॉलर और रुपये में आने वाले अंतर का कारण 

डॉलर के रुपये कि तुलना में लगातर मजबूत होने का कारण है महंगाई,विकास दर में कमी। आज भी महंगाई किस तरह पुरे देश में छाई हुई है यह सबको पता है कि जो सामान एक बार महंगा हुआ फिर वह लगातार महंगा होता ही चला जाता है वह कभी सस्ता हो ही नहीं पता है। भारत देश में महंगाई हर तरफ छाई हुई है ऐसा लगता है जैसे हर काम थप हुआ पड़ा है। लोग बेरोजगार घूम रहे है कई साल पढाई करके डिग्री लेने के बावजूद नौकरी नहीं मिल रही है। और इसके साथ ही हमारे देश भारत में लगातार विकास दर में भी कमी आ गयी। हमारा देश भारत कृषि प्रधान देश है कृषि के विकास में कमी होने से किसान भी बहुत ज्यादा परेशान हुए और खेती छोड़ने पर मजबूर हो गए इन्ही कारणों से डॉलर लगातार रुपये के मुकाबले मजबूत होता चला गया और कभी 13 डॉलर का 1 रूपया आज तक़रीबन 73 रुपये का 1 डॉलर बन गया है। Rupaya Aur doller me fark

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